जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय

जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय
जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय

जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय

जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय, लाॅटरी, सट्टा, रेसकोर्स और जुआ आकस्मिक पैसा अर्जित करने का एका अच्छा जरिया होता है। इसे अच्छा नहीं माना गया है, क्योंकि इसमें फायदे के साथ-साथ भारी नुकसान की आशंका भी रहती है।

इसे मेहनत और ईमानदारी से कमाया हुआ पैसा नहीं समझा जाता है। फिर भी कई बार अचानक पैसे की जरूरत आ जाती है, तब इसका सहारा लेना पडता है। इसके लिए लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। 

जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय
जुआ जीतने का मंत्र और सरल उपाय

ईश्वर से कामना करते हैं। पूजा-पाठ करते हैं। टोटके अपनाते हैं। यहां तक कि मंत्र जाप, वैदिक अनुष्ठान या तांत्रिक साधनाएं आदि करते हैं। यह एक किस्मत का खेल होता है, लेकिन किस्मत को कुछ सरल उपाय कर बदला जा सकता है। वे इस तरह के है-

स्वार्णाकर्षण गुटिक- लाटरी जीत के लिए किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण उपाय इस गुटका के साथ किया जाता है। इसके साथ की जाने वाली साधना 21 दिनों में पूर्ण होती है।

ज्योतिषियों के पास से मंत्र सिद्ध द्वारा प्राण प्रतिष्ठित करने के लिए स्वार्णाकषर्ण गुटिका लें। उसके साथ 21 दिनों तक विधिवत एक अनुष्ठान करें। इसका निम्नलिखत सिलसिलेवार तरीका इस तरह है-

    • आवश्यक सामग्रियों में एक दीपक, सरसो का तेल, धूप, कपूर और स्फटिक की माला और पूजन की सामान्य सामग्रियां लेकर शुक्रवार के दिन या रात को किसी भी समय अनुष्ठान की शुरूआत करें।
    • सफेद रंग का परिधान पहनें अपना मुंह उत्तर दिशा में कर आसन पर बैठ जाएं। उसके बाद दिए गए मंत्र का जाप करें। इसकी संख्या 21000 है, जिसे 21 दिनों में बांट लें। जाप किया जाने वाल मंत्र ऊँ नमो वीर बैताल आकस्मिक धन देहि देहि नमः है।
    • इससे पहले अपने सामने लकडी की एक छोटी चैकी पर सफेद कपडा बिछाकर स्वर्णाकर्षण गुटिका कर स्थापित कर लें। उसका अक्षत, चंदन और रोली से पूजा करें। उसके सामने सरसो के तेल से भरा दीपक जलाएं। 
    • अपनी आँखें बंद कर अपर्ने इंष्टदेव का ध्यान करें और मनोकामना को पूर्ण होने के लिए  प्रार्थना करें। 
    • जब 21 दिनों तक जाप पूर्ण होने के साथ ही स्वर्णाकर्षण गुटिका की मंत्र सिद्धि हो जाती है। उसके बाद के बाद आप इसे अपनी जेब में रख लें। इसके अचूक प्रभाव से आप जो भी व्यवसाय करना चाहते है उसमे निश्चित सफलता मिलेगी.। लॉटरी, जुआ या रेसकोर्स में  नुकसान नहीं होगा, बल्कि आप पहले से ज्यादा पैसे कमाएंगे। 
    • स्वर्णाकर्षण गुटिका से एक अन्य प्रयोग किय जा सकता है। किसी भी दिन सुबह में स्नान आदि से निपटने के बाद दैनिक पूजा के सामय सरसो तेल का दीपक जलाएं। गेंदे के एक  फूल को हाथ में लेकर गंद की तरह घुमाते हुए दिए गए मंत्र हो 131 बार दुहराएं। ध्यान रहे यह कोई जाप नहीं, बल्कि एक प्रार्थना है। जो इस प्रकार है- चेत माई चेत माई चेत माई कलिका चेतावे तेरा बालका सूते को जगा जागते को बैठा सट्टे का नंबर आने का बता दुहाई गुरु गोरखनाथ की नाथ जी को आदेश।
    • अभिमंत्रित पाशे– इसके प्रयोग से भी लाटरी या सटटे का नंबर मालूम किया जा सकता है। उसके लिए दो पाशे लें। स्वर्णभस्म, चमेली की कलम और भोजपत्र की सामग्री के साथ किसी भी दिन सुबह या रात में विधि को करें। इसे मंदिर या घर के पूजास्थल पर भी किया जा सकता है। अपने सामने एक दीपक जालाए भोजपत्र पर चमेली के कलम को स्वर्ण भस्म में डूबोकर मन में पहली बार उभर कर आने वाले नंबर लिखें। ये नंबर से एक से अधिक भी हो सकते हैं। उसके बाद  ऊपर दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप पूरा होने पर अभिमंत्रित पाशे को भोजपत्र पर फेंकें। उसमें जो भी नंबर आएगा वही आपके लाॅटरी या सटटे का नंबर होगा। यह नंबर आपका जीवन बदल कर रख देगा।
    •  ज्योतिषीय विश्लेषण- ग्रहों की दशा और जन्मकुंडली के अनुसार दिशा में सुधार लाकर किस्मत के प्रबल बनाया जा सकता है।
    • लाटरी जीत पूरी तरह से भाग्य पर निर्भर करता है। भाग्योदय का एक खास समय होता है, जिसकी जानकारी जन्मकुंडली के विश्लेषण से हासिल की जा सकती है। इसके साथ ही धन की देवी को भी प्रसन्न करना जरूरी है। यदि जन्म कुंडली में राहु का दोष हो तो यह जुए या लाटरी में हार और नुकसान का कारण बनता है। इसलिए जब कोई राहू की दशा या महादशा से ग्रसित हो तो उसे जुआ या लाॅटरी, यहां तक कि शेयर में भी पैसा नहीं लगाना चाहिए। सबसे पहले उसे राहू की महादशा ठीक करवानी चाहिए। 
    • पूजा पाठ के साथ टोटका- लाॅटरी जीत के लिए देवी-देवताओं को भी प्रसन्न कर सफलता हासिल की जा सकती  है। इसके लिए भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और देवी स्वप्नेश्वरी की आराधना करनी चाहिए।
    • प्रतिदिन सुबह दैनिक पूजा-पाठ के समय धन की देवी मां लक्ष्मी चालिसा का पाठ करें और देची का आशीर्वाद लें। 
    • प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर जाएं और शनिदेव को सरसो तेल से नहलाएं। उनके सामने तेल का दीपक जलाएं और शनि चालिसा का पाठ करें। ऐसा लगातार शनिवार को अवश्य करें। इस दौरान मांस, मदिरा, शराब, तंबाकू, सिगरेट आदि छोड़ना होगा। 
    • छुईमुई यानी लाजवंती के पौधे से याचना कर भी आकस्मिक धनागमन का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।  शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले नहा धोकर छुई मुई के पौधे के पास जाएँ और उनसे प्रार्थना करें। लोटरी जितने के लिए विनती करें। उसके बाद पौधे को अपने घर ले आएं। ध्यान रहे कि इस दौरान कोई आपको नहीं टोके। पूजा स्थल पर लाल कपडे पर रखें और उसकी धुप रोली से पूजा करें.। उसके बाद पौधे को कपडे में लपेटकर अपनी दाई भुजा पर बांध लें। इसका अचूक असर होता है।
    • शुक्ल पक्ष के गुरूवार दिन बरगद के पेड़ का एक पत्ता, पांच किस्म की मिठाइयां और दो इलायची की समाग्रियों के साथ इस उपाय को करें। बरगद के पत्ते में इलायची और मिठाई को लपेटकर बांध लंें। उसके बाद शाम को सूर्यास्त के आधा घंटा पहले एक लोटा पानी और उस सामान के साथ पीपल के पेड़ के पास जाएं। बरगद के पत्ते में बंधी सामग्री को जड़ के पास रख दें और जल चढ़ाएं। उसके बाद बरगद के पत्ते से मिठाई और इलायची को निकालकर हाथ में रख लें। पीपल के पेड़ से अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें.। अंत में बरगद के पत्ते को भी पीपल के पेड को अर्पित कर दें।    

वशीकरण तिलक मंत्र

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वशीकरण तिलक वशीकरण तिलक जैसा की आप जानते है हिन्दू धर्म मे तिलक का बहुत महत्व है. तिलक शिव की तीसरी आँख को प्रदर्शित करता है. इसी तरह वशीकरण तिलक एक सिद्ध तिलक होता है, जो ललाट पर लगाने मात्र से आपके सामने आने वाले को आपके वश मे कर देता है. ये आपके व्यक्तियव्य मे निखार लाता है इसके उपयोग से आप दिन प्रतिदिन नए उचाईयों को छूने लग जाते है.